बढ़ती आबादी मानव भविष्य के लिए है परेशानी

वर्तमान समय में देश की सबसे बड़ी समस्याओं में एक है – जनसंया विस्फोट । वैज्ञानिकों का कहना है कि मानव सयता की उत्पत्ति को लगभग 1 लाख 30 हजार साल से लेकर 1 लाख 60 हजार साल हो चुके हैं । हमें डेढ़ लाख साल लगे दुनिया की जनसंया को 100 करोड़ पहुँचाने में । सन् 1804 में दुनिया की आबादी ने पहली बार 100 करोड़ के आँकड़े को छुआ । अगले 123 साल में मतलब सन् 1927 में दुनिया की आबादी बढ़कर 200 करोड़ हो गई । फिर…

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बच्चो का बाल निर्माण कैसे करे – बच्चो का विकास

बच्चों का स्वभाव कुतूहलप्रिय होता है । इससे घटनाओं के माध्यम से कोई तथ्य वे भली भाँति समझ भी लेते हैं और दूसरे उनका चपल स्वभाव घटनाक्रम से बँधकर एकाग्रता की दिशा में भी अग्रसर होता रहता है । इन दोनों तथ्यों को कुछ उदाहरणों से भली भाँति समझा जा सकता है । बच्चों को सैद्धांतिक आधार पर श्रम का महत्त्व , उसके लाभ तथा जीवन में प्रगति के लिए उसकी आवश्यकता समझाई जाए तो वे सरलतापूर्वक शायद ही समझ सकें । इसके विपरीत उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति की कहानी…

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स्वस्थ्य रहना क्यों है जरुरी – हमेशा कैसे रह सकते है स्वस्थ्य

स्वास्थ्य एक वरदान है , जो सुख – शांति का आधार है , आनंद का अक्षय स्रोत है । जीवन में धर्म , अर्थ , काम और मोक्ष जैसे पुरुषार्थ चतुष्टय इसी के आधार पर संभव होते हैं । यदि व्यक्ति स्वस्थ नहीं है तो जीवन की गाड़ी लड़खड़ा जाती है । एक स्वस्थ व्यक्ति ही सम्यक रूप में * आर्थिक , सामाजिक , नैतिक कर्तव्यों का पालन कर पाता है । एक रोगी चाहते हुए भी अपने कर्तव्यों का निर्वाह नहीं कर पाता । रोग की गंभीर अवस्था में…

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सफल जीवन की राह है कठिनाइया – कठिनाइयों का हमारे जीवन में महत्व

कठिनाइयाँ जीवन की स्वाभाविक परिस्थितियाँ हैं, जिन्हें स्वीकार कर मनुष्य अपने लिए उपयोगी बना सकता है। वास्तव में, कठिनाइयाँ इतनी गंभीर और दर्दनाक नहीं होतीं जितना लोग सोचते हैं। कठिनाइयों का सामना करे जिन कठिनाइयों से कई लोग रोते हैं, उन्हीं कठिनाइयों में दूसरे लोगों को नई प्रेरणा मिलती है और सफलता को चुनते हैं। मन और कठिनाइयाँ सापेक्ष हैं। इस प्रकार कठिनाइयाँ अपने आप में कुछ भी नहीं हैं, बल्कि उनका रूप मन की अवस्था से बनता है। कमजोर मन अपनी कल्पना की गई कठिनाइयों में ही परेशान हो…

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परिश्रम ही सफलता की कुंजी है – परिश्रम है उन्नति का मार्ग

जीवन पथ के राहगीर को मेहनत के सहारे आगे बढ़ना है; ताकि वह मंजिल तक पहुंच सके। बिना मेहनत के दुनिया में कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता, मेहनत ही सारी तरक्की का मूल है। परिश्रम की परिभाषा मेहनत को हम कल्पवृक्ष कह सकते हैं। जिस प्रकार कल्पवृक्ष के समीप जाने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है, उसी प्रकार परिश्रम से मनचाहा फल प्राप्त होता है। श्रम को उत्पादन का एक अनिवार्य अंग माना जाता है। अर्थशास्त्र में श्रम को बहुत महत्व दिया गया है। उत्पादन के अन्य…

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अच्छी आदत है सफलता की कुंजी – जीवन में अच्छी आदत अपनाये

आदतों का असर हर किसी के जीवन में होता है। आदतें कुछ अच्छी होती हैं तो कुछ बुरी। अधिकांश लोगों के जीवन में दोनों कम या ज्यादा मात्रा में मौजूद होते हैं। अपनी बुरी आदतों को कैसे छोड़ें ? नई अच्छी आदतें कैसे विकसित करें? यह सवाल अक्सर सभी के मन में उठता है। कुछ लोग समाधान खोजने की कोशिश भी करते हैं। प्रयास में मिली सफलता उन्हें फिर से उनकी आदतों के अधीन कर देती है। इस तरह की कुछ विफलताएं इस धारणा को पुष्ट करती हैं कि उनसे…

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टहलना है एक व्यायाम – जानिए टहलना क्यों है ? जरुरी

चलना दैनिक जीवन का एक सामान्य कार्य है, लेकिन इसे दैनिक जीवन में एक व्यायाम से बदला जा सकता है। यह एक व्यक्ति के लिए विशेष रूप से बुजुर्ग, बीमार या शारीरिक रूप से भारी व्यायाम करने में असमर्थ होने के मामले में एक लागत प्रभावी कार्रवाई है। यह एक सरल प्रक्रिया है, जिसमें स्वयं का वजन ही व्यायाम का माध्यम बन जाता है। रोजाना आधे घंटे जरूर टहले अगर इसे दिन में आधा घंटा भी नियमित रूप से दिया जाए तो इसके कई फायदे होते हैं, जो शरीर और…

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बारिशो के बूंदो का महत्व – Importance of rain drops

इन दिनों तमाम अध्ययन चीख-पुकार कर वर्तमान में व्याप्त भीषण जल संकट की ओर इशारा कर रहे हैं। पिछले एक साल में देश में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता में करीब 70 फीसदी की गिरावट आई है। देश की वार्षिक जल आवश्यकता तीन हजार अरब घन मीटर है; जबकि हर साल चार हजार अरब क्यूबिक मीटर पानी बारिश के रूप में धरती को उपलब्ध होता है। परेशानी यह है कि हम 1.3 अरब लोग इस बारिश का केवल आठ प्रतिशत ही बचा पा रहे हैं। इस पानी को बचाने के…

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प्राकृतिक हवा काम करती है शरीर को सुरक्षित रखने में

हम रोजाना कितनी बार साँस लेते है मनुष्य 24 घंटे में 21 हजार 600 श्वास लेता है । मनुष्य जीवन के लिए सबसे बड़ी और पहली आवश्यकता प्राणवायु ( ऑक्सीजन ) की होती है । पानी के बिना तो कुछ घंटे रहा भी जा सकता है , भोजन के बिना कुछ दिनों तक जी सकते हैं , परंतु प्राणवायु ( ऑक्सीजन ) के बिना तो कुछ मिनट में ही प्राणपखेरू उड़ जाएंगे । हम प्रत्येक मिनट में लगभग 14 से 16 बार श्वास लेते हैं , ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं…

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आज करे सो अब कर की प्रवृति बनाएगी आपको सफल

अधिकांशतः व्यक्ति काम को टालने के रोग से ग्रस्त हैं । कितने ही कार्य ऐसे होते हैं जिन्हें तुरंत ही किया जाना चाहिए , परंतु ‘ कल ‘ ‘ . । ‘ ‘ कल ‘ कहकर उन्हें टाला जाता है और वह कल कभी आता ही नहीं । समय का वास्तविक महत्व अँगरेजी के प्रसिद्ध कवि शेक्सपीयर ने ठीक ही कहा है- ” आज का अवसर घूमकर खो दो , कल भी वही बात होगी और फिर अधिक सुस्ती आएगी । ” जब हमारा विचार अपूर्ण कामों की ओर जाता…

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